16 अगस्त 2014 - 04:25
अमरीकाः अश्वेत की मौत के बाद हिंसा।

अमरीका में श्वेत वर्ण के पुलिस अधिकारी के हाथों एक अश्वेत वर्ण के निहत्थे युवा की हत्या पर विरोध प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर देसी बम फेंके जिसके जवाब में पुलिस उन पर स्मोक बम और आंसू गैस के गोले फ़ायर किए।

अबनाः अमरीका में एक अश्वेत किशोर की हत्या से भड़का दंगा अभी भी जारी है। अमरीका में श्वेत वर्ण के पुलिस अधिकारी के हाथों एक अश्वेत वर्ण के निहत्थे युवा की हत्या पर विरोध प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर देसी बम फेंके जिसके जवाब में पुलिस उन पर स्मोक बम और आंसू गैस के गोले फ़ायर किए।
बुधवार को मिसूरी राज्य के फ़र्गूसन शहर में प्रदर्शनकारियों को पूरी तरह लैस पुलिस सामना हुआ जो उनपर रह-रह कर बक्तरबंद वाहनों से स्वचलित हथियारों से आक्रमण कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अश्वेत अमरीकियों के विरुद्ध भेदभाव एवं बर्बरतापूर्ण व्यवहार अपनाने का आरोप लगाया। शनिवार को एक पुलिस अधिकारी के हाथों फ़र्गूसन शहर में माइकल ब्राउन नामक 18 वर्षीय निहत्थे युवक की हत्या के बाद से फर्गूसन शहर के सेंट लूइस इलाक़े में हर रात प्रदर्शन हो रहे हैं।
फ़र्गूसन शहर के अधिकारियों ने ब्राउन की हत्या करने वाले पुलिस अधिकारी को चिन्हित करने से इंकार करके इस नगर के अफ़्रीक़ी-अमरीकी समुदाय के भीतर कुंठा भर दी है। फ़र्गूसन के निवासी पुलिस के साथ अपने संबंध को बहुत तनावपूर्ण बता रहे हैं।
दूसरी ओर डेट्रायट में एक नागरिक अधिकार कार्यकर्ता व पत्रकार का कहना है कि अमरीकी सरकार ने अफ़्रीक़ी-अमरीकियों के विरुद्ध नस्ली हिंसा को मंज़ूरी दी है और वाइट हाउस ने इसे रोकने के लिए कोई कोशिश नहीं की।
पैन-अफ़्रीकन न्यूज़ वाएर के संपादक अबायोमी अज़ीकिवे ने बुधवार को प्रेस टीवी से टेलीफ़ोन पर इंटर्व्यू में मिसूरी में एक निहत्थे अश्वेत युवक की पुलिस अधिकारी की घातक हत्या के कारण फैली हिंसा पर प्रतिक्रिया में यह बात कही।
अज़ीकिवे ने कहा कि मेरा मानना है कि 18 वर्षीय माइकल ब्राउन की हत्या पर विरोध प्रदर्शन अमरीका में राज्य द्वारा अनुमोदित नस्ली हिंसा के विरुद्ध बढ़ते आक्रोश का प्रतिबिंबन है।